कुछ तो बात है
कुछ तो बात है
रिश्तों के बीच अपने पन का अहसास,
और होती छोटी नोक झोंक,
फिर भी रिश्ता गहरा और मजबूत,
रिश्तों में कुछ तो बात है,
हुई अनबन, और मतभेद,
छोटी सी बात पर हुआ मनभेद,
फिर भी अहसास हैं बाकी फ़िक्र की,
रिश्तों में कुछ तो बात है,
कितना भी अपना हो रिश्ता, निभाने की डगर होती है कठिन,
लेकिन हर मुश्किल से बचाता भी यही है,
रिश्तों में कुछ तो बात है,
खुशी के पल जीता साथ-साथ,
कितना भी दुःख हो,
परिवार बांटता साथ-साथ
नाज़ुक अहसासों का ये रिश्ता,
सचमुच, रिश्तों में कुछ तो बात है,
✍🏻तोषी गुप्ता✍🏻
31/03/2021
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